🙏 प्रश्न : श्री कृष्ण की 16 कलाएँ कौन-कौन सी हैं? ":Professor Deependra Rajasthani , 🦋🦋🦋🦋🦋🦋🌹🍁🍁🍁🍁🍁🍁🌺🍁🍁 भगवान श्री कृष्ण को “षोडश कला संपूर्ण” कहा जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि वे पूर्णावतार थे — अर्थात् वे चंद्रमा की सोलहों कलाओं की भाँति पूर्ण दिव्य शक्तियों से युक्त थे। ध्यान रहे — विभिन्न ग्रंथों में 16 कलाओं की सूचियाँ भिन्न रूपों में मिलती हैं। कहीं इन्हें चंद्रकलाओं से जोड़ा गया है, तो कहीं दिव्य गुणों के रूप में समझाया गया है। यहाँ इन्हें भक्तिपरक और सरल भाषा में समझाया जा रहा है: ⸻ 🌸 श्री कृष्ण की 16 दिव्य कलाएँ 1️⃣ दया सभी प्राणियों पर करुणा। चाहे सुदामा हों, विदुर हों, या गजराज — हर पीड़ित पर उनकी कृपा रही। 2️⃣ धैर्य कंस के अत्याचार से लेकर महायुद्ध तक, हर परिस्थिति में अद्भुत धैर्य। 3️⃣ क्षमा शिशुपाल के सौ अपमान सहना — उनकी क्षमाशीलता का उदाहरण है। 4️⃣ न्याय धर्म और न्याय के पक्षधर। भगवद गीता में उन्होंने धर्म की स्थापना का संदेश दिया। 5️⃣ संयम राजसी जीवन के बीच भी इंद्रिय-निग्रह और संतुलन। 6️⃣ सत्य उनका प्रत्येक उपदेश सत्य पर आधारित था — विशेषकर ...
पूर्व आईएएस अधिकारी विकास दिव्यकीर्ति की बहु-प्रचारित कोचिंग पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके पहले इसी कोचिंग के ऊपर 3 लाख का जुर्माना लगाया जा चुका है। इस कोचिंग सेंटर को दिल्ली नगर निगम द्वारा सील भी किया गया था लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात। जो कोचिंग संचालक मीठी मीठी चिकनी चुपड़ी बातें कर लेते हैं, वे प्रतियोगियों को आकर्षित करने में कामयाब रहते हैं। मैंने जब विकास दिव्यकीर्ति और खान सर को असंगत और प्रतियोगी परीक्षाओं से बिल्कुल गैरजरूरी बातें करते सुनता था तो आश्चर्य होता था कि यह कौन सी उपयोगी बातें कर रहे हैं? अब पता चला है कि यह तो विज्ञापन है! मैं प्रतियोगी छात्रों को सलाह देना चाहता हूं कि कोचिंग के भ्रमजाल में न फंसिए, इनका कोई लाभ नहीं है। प्रतियोगिताओं के लिए निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखिये – 1. अपना वैकल्पिक विषय, अपनी रुचि के हिसाब से तय करें। फला विषय ज्यादा स्कोरिंग है आदि जैसे बातों में न फंसिए। जिस विषय को पढ़ने में आनंद आता है, वही आपका रुचि वाला विषय है। खाली समय में अगर लगे कि फलां सब्जेक्ट पढ़ा जाये, तो वह निश्चित रूप से आपकी रुचि का विषय है। आप ...