पूर्व आईएएस अधिकारी विकास दिव्यकीर्ति की बहु-प्रचारित कोचिंग पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके पहले इसी कोचिंग के ऊपर 3 लाख का जुर्माना लगाया जा चुका है। इस कोचिंग सेंटर को दिल्ली नगर निगम द्वारा सील भी किया गया था लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात। जो कोचिंग संचालक मीठी मीठी चिकनी चुपड़ी बातें कर लेते हैं, वे प्रतियोगियों को आकर्षित करने में कामयाब रहते हैं। मैंने जब विकास दिव्यकीर्ति और खान सर को असंगत और प्रतियोगी परीक्षाओं से बिल्कुल गैरजरूरी बातें करते सुनता था तो आश्चर्य होता था कि यह कौन सी उपयोगी बातें कर रहे हैं? अब पता चला है कि यह तो विज्ञापन है! मैं प्रतियोगी छात्रों को सलाह देना चाहता हूं कि कोचिंग के भ्रमजाल में न फंसिए, इनका कोई लाभ नहीं है। प्रतियोगिताओं के लिए निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखिये – 1. अपना वैकल्पिक विषय, अपनी रुचि के हिसाब से तय करें। फला विषय ज्यादा स्कोरिंग है आदि जैसे बातों में न फंसिए। जिस विषय को पढ़ने में आनंद आता है, वही आपका रुचि वाला विषय है। खाली समय में अगर लगे कि फलां सब्जेक्ट पढ़ा जाये, तो वह निश्चित रूप से आपकी रुचि का विषय है। आप ...
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